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रोहिणी लक्षणे

Rohini_Lakshaneरोहिणी लक्षणे सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी में रिसर्चर हैं. वे अखबार और इंटरनेट में तकनीक से जुड़ी पत्रकारिता करती रही हैं. महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था इरोटिक्स इंडिया में वे संपादक रह चुकी हैं. इंटरनेट और तकनीक की मदद से वे लिंगभेद के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं. रोहिणी लक्षणे एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, एक ब्लॉगर हैं, विकिपीडिया की लेखक हैं और डिजिटल सिक्योरिटी ट्रेनर भी हैं.

वेबसाइटः रोहणी की वेबसाइट

ट्विटरः @aldebaran14


जॉर्जिया पॉपलवेल

georgia_1लेखक, संपादक और प्रड्यूसर जॉर्जिया पॉपलवेल ट्रिनिडैड और टोबेगो से नाता रखती हैं. 1989 से वे कई कैरिबियाई टीवी चैनेलों में काम कर चुकी हैं और संस्कृति, संगीत, फिल्म और खेल के मुद्दों पर लिखती रही हैं. 2005 में उन्होंने कैरबियन इलाके के पहले पॉडकास्ट प्रोग्राम कैरिबियन फ्री रेडियो की स्थापना की.

वेबसाइटः ग्लोबल वॉयसस में जॉर्जिया

ट्विटरः@georgiap


फाल्क श्टाइनर

फाल्क श्टाइनर डिजिटल उपकरणों के साथ बड़े हुए हैं और अब जर्मनी में रेडियो चैनल डॉयचलांडफुंक और डॉयचलांडराडियो कुल्टूअर के साथ काम करते हैं. बर्लिन स्थित फाल्क श्टाइनर की इंटरनेट में राजनीतिक मुद्दों में रूचि है. वे कई अखबारों और पत्रिकाओं के लिए सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं और कई सम्मेलनों का आयोजन भी कर चुके हैं. 2010 में उन्होंने गैर सरकार संस्थान डिजिटल सोसाइटी की स्थापना की.

ब्लॉगः क्यूलश्रांकनोटीत्सेन

ट्विटरः@flueke


एरकान साका

sakaएरकान साका इस्तांबुल के बिलगी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. वे न्यू मीडिया क्लचर और साइबर एंथ्रोपोलॉजी पढ़ाते हैं. इस्तांबुल से बीए और एमए की डिग्री लेने के बाद वे अमेरिका गए, जहां राइस यूनिवर्सिटी से उन्होंने पीएचडी की. 2004 से वह राजनीतिक ब्लॉगिंग कर रहे हैं. वे एक सिटीजन जर्नलिज्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के संचालक भी हैं और न्यू मीडिया के विषय पर एक टीवी शो की मेजबानी भी करते हैं.

ब्लॉगः एर्कान्स फील्ड डायरी

ट्विटरः @sakaerka


ओकसाना रोमानियुक

Oksana Romaniukओकसाना रोमानियुक यूक्रेन में रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की प्रतिनिधि हैं और कीव की गैर सरकारी संस्था इंस्टिट्यूट फॉर मास इन्फर्मेशन की प्रमुख हैं. अपने काम में वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार पर ध्यान देती हैं. अलग अलग प्रोजेक्ट के तहत वे पत्रकारिता की गुणवत्ता और नागरिकों के सहयोग को बढ़ाने तथा डिजिटल सुरक्षा पर काम करती रही हैं.

 


फ्लोरियान न्गिंबिस

FLORIANT NGUIMBISफ्लोरियान न्गिंबिस कैमरून से हैं और अफ्रीका के सबसे चर्चित ब्लॉगरों में से एक हैं. वह अपने देश में 30 साल से चल रही तानाशाह सरकार की विफल नीतियों के बारे लिखते हुए उनकी आलोचना करते हैं. उन्हें सोशल मीडिया, सांस्कृतिक एनिमेशन और पुस्तकालयों में दिलचस्पी है. वे कैमरून ब्लॉगर संघ के अध्यक्ष भी हैं, जो वहां तेज और सस्ते इंटरनेट के लिए काम कर रहा है.

ब्लॉग: कामेर कोंगोसा

ट्विटर: @ngimbis 


एलेक्सेंडर मोरोजोव

morozowएलेक्सेंडर मोरोजोव रूस के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीति के विशेषज्ञ हैं. वे रूस की मुख्य ऑनलाइन पत्रिकाओं कल्टा, स्लॉन और फोर्ब्स के लिए लिखते हैं. 2011 से वे “रशियन मैगजीन” नाम के प्रोजेक्ट के अध्यक्ष हैं. वे जर्मनी की रूर यूनिवर्सिटी में पढ़ाते भी हैं. रूसी मीडिया पर लग रही रोक के बावजूद वे अपना मत रखने से नहीं डरते.

फेसबुक


मौरिसिओ सांतोरो

mauricioमौरिसिओ सांतोरो एमनेस्टी इंटरनेशनल में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम करते हैं. रियो दे जनेरो में वे इंटरनेशनल रिलेशंस के प्रोफेसर हैं. अपनी किताब “मॉडर्न डिक्टेटरशिप” समेत उनके कई लेख ब्राजील और दुनिया के कई देशों में छप चुके हैं. वे ट्विटर पर बेहद सक्रीय हैं और ऑनलाइन अखबार ब्राजील पोस्ट के लिए भी लिखते हैं.

वेबसाइट: मौरिसिओ सांतोरो की वेबसाइट

ट्विटर: @msantoro1978


लैला नखवती

leilaलैला नखवती मैड्रिड स्थित पत्रकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे स्पेन की कार्लोस यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता पढ़ाती हैं और वहीं से पीएचडी भी कर रही हैं. वे सीरिया अनटोल्ड नाम की टीम की सदस्य हैं जो सीरिया में चल रहे गृह युद्ध की जानकारी का डिजिटल आर्काइव तैयार करती है. सीरिया के कई पत्रकार, लेखक, कंप्यूटर प्रोग्रामर और ग्राफिक डिजाइनर इस टीम का हिस्सा हैं.


सनम दौलतशाही

sanamसनम दौलतशाही पेशे से पत्रकार हैं और सोशल मीडिया और सिटीजन जर्नलिज्म के क्षेत्र में काम करती हैं. वे लंदन में बीबीसी की फारसी सेवा के लिए काम करती हैं. हर दिन प्रसारित होने वाला उनका टीवी शो ईरान और अफगानिस्तान में रहने वाले लोगों पर आधारित होता है. सोशल मीडिया पर यूजर जनरेटेड कॉन्टेंट के जरिए वे लोगों के अनुभवों को बयान करती हैं. 2001 से वे ‘लेडी सन’ नाम का ब्लॉग लिख रही हैं.

ट्विटर: @khorshid


अलीसा वहीद

अलीAlissa 01सा वहीद इंडोनेशिया में समुदायों के विकास और सामाजिक आंदोलनों पर काम करती हैं. मनौविज्ञान की पढ़ाई कर चुकीं वहीद 1990 से कई सामाजिक संगठनों में काम करती रही हैं. वह इंडोनेशिया के गुस्दूरियान नेटवर्क की संयोजक हैं. यह संस्था देश में धार्मिक सहनशीलता, लोकतांत्रिक विविधता और महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करती है. वहीद ऐसे कई प्रोजेक्ट का नेतृत्व करती हैं जो समाज में बदलाव की ओर काम कर रहे हैं.

ट्विटर: @AlissaWahid


रेनाटा आवीला

renata_avilaरेनाटा अवीला ग्वाटेमाला में मानवाधिकारों और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा पर काम करती हैं. पेशे से वकील रेनाटा अवीला अपने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जानकारी की सुरक्षा और खास कर वहां आदिवासी अधिकारों के लिए काम करती हैं. उन्होंने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रिगोबेर्ता मेंचू के साथ भी काम किया है, जिन्हें ग्वाटेमाला में जनसंहार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता है. अवीला क्रिएटिव कॉमंस की वरिष्ठ सदस्य हैं और वेब इंडेक्स साइंस काउंसिल की सदस्य. वे वेब वी वॉन्ट नाम की मुहिम का नेतृत्व करती हैं, जो इंटरनेट के माध्यम से मानवाधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है.

वेबसाइटः Renata Avila

ट्विटरः @avilarenata

 


शाहिदुल आलम

बांग्लादेश के जानेमाने फोटोग्राफर और सामाजिक कार्यकर्ता शाहीदुल आलम ने लंदन विश्वविद्यालय से केमिस्ट्री में पीएचडी हासिल की. लेकिन 1984 में बांग्लादेश लौटने के बाद से उन्होंने फोटोग्राफी को अपना जीवन समर्पित कर दिया. उन्हें अपने काम के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. इनमें लंदन आर्ट काउंसिल की हारवे हैरिस ट्रोफी भी शामिल है. वे बांग्लादेश की फोटोग्राफिक सोसाइटी के अध्यक्ष रह चुके हैं और हारवर्ड, स्टैनफोर्ड, ऑक्सफोर्ड, और केम्ब्रिज जैसे विश्वविद्यालयों में लेक्चर दे चुके हैं. साथ ही वे वर्ल्ड प्रेस फोटो की अंतरराष्ट्रीय जूरी के सदस्य भी रह चुके हैं.

वेबसाइटः शाहिदुल आलम                  ट्विटरः  @shahidul