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एकता में जीत है


बॉब्स के लिए ब्लॉग्स नामांकित हो चुके हैं. 3 अप्रैल से लेकर आने वाले पांच हफ्तों तक आप अपने पसंदीदा ब्लॉग के लिए वोट कर सकते हैं और उसे विजेता बना सकते हैं.

दुनिया भर में ऐसी कौन सी वेबसाइटें और प्रोजेक्ट हैं जो ऑनलाइन सक्रियता की बेहतरीन मिसाल हैं. 7 मई से इंटरनेट यूजर यानी आप और हमारे जूरी सदस्य तय करेंगे कि इन नामांकित ब्लॉग्स में से कौन विजयी होगा.
14 भाषाओं में 4,200 ब्लॉग और वेबसाइट नामांकित की गई हैं. 15 जूरी सदस्यों ने काफी मेहनत के बाद 364 ब्लॉगरों और वेबसाइटों को अंतिम चरण के लिए नामांकित किया है. इस सूची में विश्व भर की दिलचस्प सामाजिक मुहिमें शामिल हैं.

नागरिक नियंत्रण
भ्रष्टाचार, लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और राजनीति के अलावा महिला अधिकार जैसे मुद्दे पर इस साल ब्लॉगरों और इंटरनेट में सक्रिय संगठनों का ध्यान केंद्रित रहा. चीन से लेकर ईरान, मोरक्को, भारत और जर्मनी तक लोग, इंटरनेट की संभावनाओं को आंक रहे हैं, घोटालों का खुलासा कर रहे हैं और पारदर्शिता और सुधारों की मांग कर रहे हैं.
मिसाल के तौर पर एक वेबसाइट है जो नेताओं के चुनावी वादों के आधार पर उनका विश्लेषण करती है. भारत की एक वेबसाइट है जिसमें लोग बता सकते हैं कि उन्होंने किस काम के लिए किस सरकारी अधिकारी को कितनी रिश्वत दी. कुछ ब्लॉग बुर्के को लेकर बहस कर रहे हैं तो कुछ बलात्कार की शिकार महिलाओं के हक के लिए लड़ रहे हैं.

एकता में ताकत 
हैरान करने वाली बात यह है कि निजी तौर पर ब्लॉगर और कार्यकर्ता कितना प्रेरित हैं. इनमें से कई ब्लॉगरों को जोखिम भी उठाना पड़ता है. यह ऐसे लोग हैं जो लोकतंत्र, मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं. कुछ ऐसे हैं जो अपने साथ लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं. जितनी परेशानियां हैं, उतने मुद्दे भी हैं.
एक नामांकित ब्लॉग ऐसा है जो जुबान और कान से लाचार लोगों की मदद के लिए बना है. एक ब्लॉग के जरिए रूस में लोग अपने गुमशुदा रिश्तेदार और खास तौर से बच्चे तलाशने में मदद ले सकते हैं. लेकिन बॉब्स में नामांकित सारे ब्लॉगों में एक समानता है, और वह यह कि इंसान इन्हें चला रहे हैं. यह दिखाता है कि एक साथ मिल कर दुनिया में कितना कुछ बदला जा सकता है.

कौन होगा विजेता
इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोग बॉब्स की वेबसाइट में सारे नामांकित ब्लॉगरों के बारे में जान सकते हैं. ऑनलाइन वोटिंग के जरिए 7 मई तक 34 भाषाओं में विजेताओं को चुना जा सकेगा. 4 और 5 मई को जूरी सदस्य बर्लिन में मिलेंगे. विजेता का एलान सात मई को होगा. विजेताओं को फिर 18 जून को ग्लोबल मीडिया फॉरम के पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया जाएगा.