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सुझावों के लिए आपका शुक्रिया


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बॉब्स 2015 के लिए भेजे गए आपके सुझावों के लिए हम आपका शुक्रिया अदा करते हैं. इस साल हमें आपके 4,800 सुझाव मिले हैं.
अब क्या होगा?
आने वाले हफ्तों में हमारी अंतरराष्ट्रीय जूरी को सबसे ज्यादा मेहनत करनी होगी. सबसे पहले हम आपके द्वारा भेजी गई वेबसाइटों, ब्लॉग और प्रोजेक्टों की सूचियों को देखेंगे और उसके बाद प्रतियोगिता की श्रेणियों में उन्हें नामांकित करने के बारे में फैसला करेंगे.
प्रेरणा पाएं
आगामी 9 अप्रैल 2015 से आप सभी श्रेणियों के सभी उम्मीदवारों के काम को हमारी वेबसाइट पर देख पाएंगे. अपनी भाषा के अलावा दूसरी भाषाओं में भी आप दिलचस्प प्रोजेक्ट और आइडिया देख पाएंगे जो आपको प्रेरणा दे सकते हैं. कृपया अप्रैल से दूसरी प्रविष्टियों को भी देखें, सभी भाषाओं के सभी उम्मीदवारों के बारे में कम से कम अंग्रेजी में भी जानकारी उपलब्ध रहेगी. सभी भाषाओं वाली तीन मुख्य श्रेणियों के लिए मनोनीत उम्मीदवारों के बारे में जानकारी प्रतियोगिता की सभी 14 भाषाओं में उपलब्ध रहेगी.
आपके पुरस्कार, जूरी के पुरस्कार
14 भाषाओं में आपकी पसंद श्रेणी के लिए आप 9 अप्रैल से वोट कर सकते हैं और इस तरह इन श्रेणियों में विजेता के चयन में हिस्सा ले सकते हैं. मतदान 3 मई को समाप्त होगा.
जूरी की बैठक 2 मई को बर्लिन में होगी जिसमें जूरी द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों के विजेताओं का फैसला किया जाएगा. जूरी के सदस्य सभी नामांकनों की चर्चा करेंगे और उसके बाद बहुमत से विजेताओं का चयन करेंगे.
तो इंतजार कीजिए. 9 अप्रैल से आप भी अपनी पसंद के उम्मीदवारों के लिए मतदान में भाग ले सकते हैं.

डॉयचे वेले: फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड रइफ बदावी को


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जेल में बंद सऊदी अरब के ब्लॉगर रइफ बदावी को डॉयचे वेले का पहला “फ्रीडम ऑफ स्पीच” अवार्ड दिया जाएगा. यह पुरस्कार डीडब्ल्यू के अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन पुरस्कारों “द बॉब्स” की श्रृखंला में दिया जा रहा है.

डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिमबुर्ग ने बताया, “डॉयचे वेले के गवर्निंग बोर्ड ने सर्वसम्मति से रइफ बदावी को चुना है.” उन्होंने आगे कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मानवाधिकार के प्रति उनकी निडर प्रतिबद्धता एक मिसाल है. हमारे अवॉर्ड से एक संकेत जाता है और उनके भविष्य को लोगों की नजर में लाने में मदद मिलती है. हम उम्मीद करते हैं कि इससे सऊदी अरब के उन लोगों पर दबाव बढ़ेगा जो बदावी को रिहा करने के लिए जिम्मेदार हैं.”

31 साल के ब्लॉगर रइफ बदावी को मई 2014 में सऊदी शासन ने 10 साल की कैद, भारी जुर्माना और 1,000 कोड़ों की सजा सुनाई थी. 9 जनवरी को वह 50 कोड़ों की पहली खेप झेल चुके हैं.

बदावी की पत्नी इंसाफ हैदर ने कनाडा से बात करते हुए डॉयचे वेले को बताया, “मैं बहुत खुश हूं! डॉयचे वेले के फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड से सऊदी शासन तो एक साफ संदेश मिलेगा. यह बेहद शर्मनाक है कि रइफ अब भी जेल में है, खासतौर पर ऐसे वक्त में जब सऊदी अरब इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ रहा है और खुद मानवाधिकारों की अनदेखी कर रहा है. मैं डॉयचे वेले के समर्थन के लिए बहुत आभारी हूं.”

ग्लोबल मीडिया फोरम में होगा पुरस्कार समारोह

द बॉब्स – बेस्ट ऑफ आनलाइन एक्टिविज्म की 11वीं वार्षिक प्रतियोगिता में डॉयचे वेले उल्लेखनीय ऑनलाइन एक्टिविस्ट्स और प्रोजेक्ट्स का सम्मान करता है. इस साल डीडब्ल्यू ने फ्रीडम ऑप स्पीच अवॉर्ड की शुरुआत की है जिससे किसी ऐसे व्यक्ति या पहल को सम्मानित किया जा सके, जो डिजिटल दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को असाधारण रूप से बढ़ावा दे रहा हो.

फ्रीडम ऑफ स्पीच और द बॉब्स की तीन अन्य जूरी श्रेणियों के विजेताओं को 23 जून को जर्मनी के बॉन में होने वाले ग्लोबल मीडिया फोरम में पुरस्कृत किया जाएगा.

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए निडर

रइफ बदावी ने अपने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए कई सालों से संघर्ष किया है. उन्होंने फ्री सऊदी लिबरल्स नाम की अपनी वेबसाइट में सऊदी अरब के राजनीतिक और सामाजिक दुश्वारियों को बखूबी उठाया है. उदाहरण के तौर पर, उन्होंने धार्मिक पुलिस पर एक व्यंग्यात्मक लेख लिखे और देश के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय को आतंकवादियों का गढ़ बताया था. उन्होंने वैलेंटाइन डे पर भी लिखा, जिसे मनाए जाने पर सऊदी अरब में प्रतिबंध है. जून 2012 में उन्हें गिरफ्तार कर उन पर इस्लाम, धार्मिक नेताओं और राजनेताओं का अपमान करने के आरोप लगे. 2013 में उनकी पत्नी इंसाफ हैदर को अपने तीन बच्चों के साथ सऊदी अरब छोड़ना पड़ा. उन्हें कनाडा में राजनीतिक शरण मिली हुई है.

रइफ बदावी की पृष्ठभूमि

आज ही से भेजें अपने सुझाव!


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बॉब्स प्रतियोगिता 11वीं बार शुरू होने जा रही है. इस साल की तीन जूरी श्रेणियां हैं “सोशल चेंज”, “प्राइवेसी एंड सेक्योरिटी” और “आर्ट्स एंड मीडिया”. इसके अलावा इस बार डॉयचे वेले द्वारा “फ्रीडम ऑफ स्पीच” अवॉर्ड भी दिया जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय जूरी तीन श्रेणियों में विजेताओं का चयन करेगी और 14 भाषा श्रेणियों के विजेता पब्लिक वोटिंग द्वारा तय होंगे.

12 मार्च तक भेजें सुझाव

आज से आप सभी श्रेणियों के लिए अपने पसंदीदा ब्लॉग के सुझाव भेज सकते हैं. जूरी आप ही के सुझावों में से प्रतियोगिता की सभी श्रेणियों के लिए फाइनलिस्ट का नामांकन करेगी. आप जितनी ज्यादा वेबसाइट, ब्लॉग और प्रोजेक्ट के सुझाव भेजेंगे, प्रतियोगिता उतनी ही रोमांचक होती जाएगी.

कौन ले सकता है हिस्सा?

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली वेबसाइट इन 14 में से किसी एक भाषा में होनी चाहिए: हिन्दी, अरबी, बंगाली, चीनी, जर्मन, अंग्रेजी, फ्रेंच, इंडोनेशियाई, फारसी, पुर्तगाली, रूसी, स्पेनिश, तुर्की और यूक्रेनी. वेबसाइट हर किसी के लिए उपलब्ध होनी चाहिए, यानि किसी तरह के पासवर्ड से उसे सुरक्षित ना किया गया हो. जहां तक वेबसाइट के फॉर्मेट की बात है, तो वह आपकी रचनात्मकता पर निर्भर करता है. सामान्य वेबसाइटों के अलावा फेसबुक के पेज, यूट्यूब के चैनल, माइक्रोब्लॉग और पॉडकास्ट भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं. बाकी जानकारी के लिए नियम पढ़ें.

जूरी श्रेणियां

मई के महीने में बर्लिन में होने वाली एक बैठक के दौरान जूरी तीन श्रेणियों के विजेताओं पर चर्चा करेगी. यहां सभी 14 भाषाओं के प्रतियोगी एक दूसरे से भिड़ेंगे. ये श्रेणियां अलग अलग विषयों पर आधारित हैं. समाज में हो रहे बदलावों पर, डाटा की सुरक्षा पर और कला के क्षेत्र पर लिखने वालों पर यहां ध्यान दिया जाएगा.

वोटिंग की श्रेणियां

सभी भाषा श्रेणियों के लिए 09 अप्रैल से वोटिंग शुरू हो जाएगी. 03 मई को वोटिंग द्वारा चुने गए और जूरी द्वारा चुने गए विजेताओं के नाम बॉब्स की वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे. कब क्या होगा, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए कार्यक्रम देखें.

फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड

इस साल पहली बार डॉयचे वेले फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड देने जा रहा है. किसी ऐसे व्यक्ति या संस्था को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा जो डिजिटल दुनिया में विशेष रूप से मानवाधिकारों पर अपने विचार रखता आया है.

फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड और सभी जूरी पुरस्कार के विजेताओं को डॉयचे वेले की ओर से 22 से 24 जून 2015 तक होने वाले ग्लोबल मीडिया फोरम में आमंत्रित किया जाएगा, जहां पुरस्कार समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा. इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फरेंस का इस साल का मुद्दा है “डिजिटल युग में मीडिया और विदेश नीति की भूमिका”.

आप हमसे फेसबुक और ट्विटर के जरिए जुड़ सकते हैं और इस साल के हैशटैग #thebobs15 के साथ हम तक अपनी प्रतिक्रियाएं भी भेज सकते हैं.

किसने जीता बॉब्स 2014


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दो दिनों की बहस के बाद 15 देशों से आए जजों ने तय किया कि कौन से ब्लॉग विजेता होंगे. भारत से खबर लहरिया को डॉयचे वेले ग्लोबल मीडिया फॉरम पुरस्कार मिला है. आपकी वोटिंग के नतीजे भी आ चुके हैं. आपके पास ऑनलाइन वोटिंग के लिए चार हफ्ते थे और 154 नामांकित ब्लॉग्स में से आपने अपनी पसंद चुनी है. इस साल 70,000 से ज्यादा वोट डाले गए और इसके नतीजे आप हमारी वेबसाइट पर देख सकते हैं.

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