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सुझावों का स्वागत


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बॉब्स 2016 की सभी श्रेणियों के लिए आप 3 मार्च 2016 तक इस पेज पर मौजूद फॉर्म का इस्तेमाल कर अपने सुझाव दे सकते हैं.

बॉब्स पुरस्कारों के लिए प्रतियोगियों को मननोनीत करने के लिए फॉर्मेट की कोई बाधा नहीं है. आप ब्लॉग, पॉडकास्ट, सोशल नेटवर्क के प्रोफाइल या इंटरनेट प्लेटफॉर्मों के नाम प्रस्तावित कर सकते हैं. एकमात्र शर्त यह है कि वे सार्वजनिक और सबके लिए खुले होने चाहिए. इसके अलावा प्रस्ताव बॉब्स की शर्तों और नियमों के अनुकूल होने चाहिए.

किन भाषाओं में हों प्रस्ताव?

बॉब्स पुरस्कारों के लिए प्रतियोगिता की भाषा निम्न हैं: अरबी, बांग्ला, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, हिंदी, बहासा इंडोनेशिया, फारसी, पुर्तगीज, रूसी, स्पैनिश, तुर्क और यूक्रेनी. बॉब्स को भेजे जाने वाले कोई भी सुझाव इन्हीं 14 भाषाओं में होने चाहिए.

कौन कर सकता है मनोनयन?

इंटरनेट का कोई भी यूजर अपनी या दूसरी वेबसाइट या किसी प्रोजेक्ट को प्रस्तावित कर सकता है. प्रस्तावों की संख्या का उसके अंतिम चरण में मनोनयन पर कोई असर नहीं होगा. लेकिन हर यूजर कई श्रेणियों में एक-एक प्रस्ताव दे सकता है.

प्रस्तावों का क्या होगा?

सभी प्रस्तावों को अंतरराष्ट्रीय जूरी को समीक्षा के लिए दिया जाएगा. वे डॉयचे वेले के स्टाफ की मदद से उम्मीदवारों की सूची तैयार करेंगे जिसकी घोषणा हम यहां 31 मार्च को करेंगे. इस सूची के प्रकाशित होते ही प्रतियोगिता की हर श्रेणी में पब्लिक च्वाइस अवार्ड के लिए ऑनलाइन वोटिंग शुरू हो जाएगी.

लेकिन सबसे पहले आपको अपने इंटरनेट हीरो का चुनाव करना है. आपकी राय में कौन नेट की आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए सक्रिय संघर्ष कर रहा है? इंटरनेट पर आपका व्यक्तिगत हीरो कौन हैं? आपके हर सुझाव का स्वागत है.

 

4 फरवरी को होगी बॉब्स की शुरुआत


thebobs16_milestoneposting_600x240px_hindi4 फरवरी से 3 मार्च 2016 तक आप यहां बॉब्स 2016 के लिए अपने प्रस्ताव दे सकते हैं.

सभी इंटरनेट यूजर प्रस्ताव दे सकते हैं. इस पर किसी तरह का कोई खर्च नहीं आएगा. आपके द्वारा प्रस्तावित वेबसाइट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 14 भाषाओं में से एक में होना चाहिए. अरबी, बंगाली, चीनी, जर्मन, अंग्रेजी, फ्रेंच, हिन्दी, बहासा इंडोनेशिया, फारसी, पुर्तगीज, रूसी, स्पेनिश, तुर्की और यूक्रेनी.

बॉब्स में 2016 में सभी भाषाओं के लिए चार श्रेणियां हैं. यहां विजेता चुने जाने के लिए सभी 14 भाषाओं के प्रतिस्पर्धियों का मुकाबला होगा. चारों श्रेणियों में दो विजेता होंगे. जूरी पुरस्कार स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जूरी के सदस्यों के द्वारा दिए जाएंगे. पब्लिक च्वाइस अवार्ड का फैसला ऑनलाइन वोटिंग के जरिये होगा. बहुभाषी प्रतियोगिता की चार श्रेणियां ये हैं:

  • सामाजिक परिवर्तन
  • बेहतरी के लिए तकनीकी
  • कला और संस्कृति
  • नागरिक पत्रकारिता

प्रतियोगिता में भाग लेने वाली हर भाषा में एक पब्लिक च्वाइस अवार्ड दिया जाएगा जो उस भाषा के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित है.

इसके अलावा डॉयचे वेले 2016 में भी पिछले वर्षों की तरह फ्रीडम ऑफ स्पीच अवार्ड देगा जो बॉब्स के तहत दिया जाने वाला विशेष पुरस्कार है. विजेता का चयन डॉयचे वेले के निदेशक मंडल द्वारा किया जाएगा. बॉब्स 2016 के विजेताओं की घोषणा मई के शुरू में बर्लिन में की जाएगी. फ्रीडम ऑफ स्पीच अवार्ड और अन्य पुरस्कारों के विजेताओं को 14 जून को बॉन में डॉयचे वेले के ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान पुरस्कार दिया जाएगा.

द बॉब्स पुरस्कार समारोह


देखिए बॉब्स 2015 पुरस्कार समारोह का पूरा वीडियो. विजेताओं को हमारी शुभकामनाएं. सभी जूरी सदस्यों और वोट करने वालों का धन्यवाद.

जर्मनी में बॉब्स विजेताओं का सम्मान


pv_2015मंगलवार को बॉन में डॉयचे वेले के ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान 11वीं बार बॉब्स पुरस्कार दिए गए. बांग्लादेश, मेक्सिको, सऊदी अरब और सीरिया के ब्लॉगर बॉब्स 2015 के पुरस्कार समारोह के केंद्र में रहे.

सोशल चेंज
ढाका की सड़कों पर अपनी आंखों के सामने पति की हत्या देखने के बाद भी रफीदा अहमद बन्या ने लिखना नहीं छोड़ा. धर्मनिरपेक्ष देश की चाह में लिखने के कारण ही कट्टरपंथियों ने फरवरी में उनके पति अविजीत रॉय की हत्या कर दी. पुरस्कार समारोह के दौरान बॉब्स के जूरी सदस्य शाहिदुल आलम ने “मुक्त मन” को सराहते हुए कहा, “यह हैरान करने वाली बात है कि इतने जोखिम के बाद भी मुक्त मन से जुड़े लोग अपनी जान पर खेल कर काम जारी रख रहे हैं.” रफीदा ने कहा कि उन्हें अपनी परवाह नहीं है, “मैं आपके सामने हूं, मैं बिलकुल ठीक हूं. मुझे अपनी चिंता नहीं है. मुझे बांग्लादेश के बाकी ब्लॉगरों की चिंता है. असली खतरा उन पर है.”

आर्ट्स एंड मीडिया
जैटून गैंग के मोहम्मद तैयब को एक ऐसी वीडियो गेम बनाने के लिए यह पुरस्कार मिला जिसमें एक बच्चा अपने देश से बाहर निकलने की और बतौर शरणार्थी कहीं पनाह लेने की कोशिश करता है. फलीस्तीन और सीरिया की समस्याओं की बात करते हुए तैयब ने कहा, “वक्त आ गया है कि हम पासपोर्ट और राष्ट्रीयता को खत्म करें और बस इंसान बनें.” तैयब ने इस दौरान अपना चेहरा ढंक कर रखा क्योंकि उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय शरणार्थियों के चेहरों को नहीं पहचानता.” जूरी सदस्य लैला नखवती ने कहा, “जैटून प्रोजेक्ट शरणार्थियों की आवाज है और हमें इसे सुनने की जरूरत है.”

प्राइवेसी एंड सिक्यूरिटी
मेक्सिको के रुबेन ओमर वालेंसिया पेरेज को रैंचो इलेक्ट्रॉनिका के लिए सम्मानित किया गया. यह हैकरों का एक ग्रुप है जो लोगों को इंटरनेट में सतर्क रहना सिखाता है. पुरस्कार लेते हुए पेरेज ने कहा, “बहुत से लोग अब अपने डाटा को सुरक्षित रखना सीख पा रहे हैं.” ऊंचे अपराध दर वाले देश मेक्सिको में लोग रातोंरात गायब हो जाते हैं और उनका कोई नामोनिशान नहीं होता. ऐसे में इंटरनेट के बेहतरीन इस्तेमाल की जरूरत है. स्पेन की जूरी सदस्य रेनाटा अवीला ने इस बारे में कहा, “यह एक अनोखा प्रोजेक्ट है. हमें ऐसे और लोगों की जरूरत है.”

डॉयचे वेले फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड
बॉब्स के 11 साल के इतिहास में पहली बार एक विशेष पुरस्कार दिया गया. सऊदी अरब के ब्लॉगर रइफ बदावी को डॉयचे वेले फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड से नवाजा गया. 31 साल के बदावी को मई 2014 में 10 साल की कैद, भारी जुर्माने और 1,000 कोड़ों की सजा सुनाई गयी. zeit.de के मुख्य संपादक यॉखेन वेगनर ने इस मौके पर कहा कि यह जाहिर है कि इतनी अंतरराष्ट्रीय आवाजों के बावजूद सऊदी प्रशासन उन्हें रिहा नहीं करेगा. उन्होंने कहा, “यह जानते हुए भी कि प्रशासन उनके विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता, बदावी ने लिखना जारी रखा.”
बदावी की पत्नी इंसाफ हैदर ने कनाडा से एक वीडियो संदेश में कहा, “रइफ को मत भूलना. उनकी और उनके बच्चों की किस्मत आपके हाथों में है.” डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग ने विश्वास जताया कि डीडब्ल्यू बदावी के मामले पर लगातार रिपोर्ट करता रहेगा और दुनिया को यह मामला भूलने नहीं देगा.

पुरस्कार समारोह की और तस्वीरों के लिए यहां क्लिक करें.

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