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द बॉब्स पुरस्कार समारोह


देखिए बॉब्स 2015 पुरस्कार समारोह का पूरा वीडियो. विजेताओं को हमारी शुभकामनाएं. सभी जूरी सदस्यों और वोट करने वालों का धन्यवाद.

जर्मनी में बॉब्स विजेताओं का सम्मान


pv_2015मंगलवार को बॉन में डॉयचे वेले के ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान 11वीं बार बॉब्स पुरस्कार दिए गए. बांग्लादेश, मेक्सिको, सऊदी अरब और सीरिया के ब्लॉगर बॉब्स 2015 के पुरस्कार समारोह के केंद्र में रहे.

सोशल चेंज
ढाका की सड़कों पर अपनी आंखों के सामने पति की हत्या देखने के बाद भी रफीदा अहमद बन्या ने लिखना नहीं छोड़ा. धर्मनिरपेक्ष देश की चाह में लिखने के कारण ही कट्टरपंथियों ने फरवरी में उनके पति अविजीत रॉय की हत्या कर दी. पुरस्कार समारोह के दौरान बॉब्स के जूरी सदस्य शाहिदुल आलम ने “मुक्त मन” को सराहते हुए कहा, “यह हैरान करने वाली बात है कि इतने जोखिम के बाद भी मुक्त मन से जुड़े लोग अपनी जान पर खेल कर काम जारी रख रहे हैं.” रफीदा ने कहा कि उन्हें अपनी परवाह नहीं है, “मैं आपके सामने हूं, मैं बिलकुल ठीक हूं. मुझे अपनी चिंता नहीं है. मुझे बांग्लादेश के बाकी ब्लॉगरों की चिंता है. असली खतरा उन पर है.”

आर्ट्स एंड मीडिया
जैटून गैंग के मोहम्मद तैयब को एक ऐसी वीडियो गेम बनाने के लिए यह पुरस्कार मिला जिसमें एक बच्चा अपने देश से बाहर निकलने की और बतौर शरणार्थी कहीं पनाह लेने की कोशिश करता है. फलीस्तीन और सीरिया की समस्याओं की बात करते हुए तैयब ने कहा, “वक्त आ गया है कि हम पासपोर्ट और राष्ट्रीयता को खत्म करें और बस इंसान बनें.” तैयब ने इस दौरान अपना चेहरा ढंक कर रखा क्योंकि उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय शरणार्थियों के चेहरों को नहीं पहचानता.” जूरी सदस्य लैला नखवती ने कहा, “जैटून प्रोजेक्ट शरणार्थियों की आवाज है और हमें इसे सुनने की जरूरत है.”

प्राइवेसी एंड सिक्यूरिटी
मेक्सिको के रुबेन ओमर वालेंसिया पेरेज को रैंचो इलेक्ट्रॉनिका के लिए सम्मानित किया गया. यह हैकरों का एक ग्रुप है जो लोगों को इंटरनेट में सतर्क रहना सिखाता है. पुरस्कार लेते हुए पेरेज ने कहा, “बहुत से लोग अब अपने डाटा को सुरक्षित रखना सीख पा रहे हैं.” ऊंचे अपराध दर वाले देश मेक्सिको में लोग रातोंरात गायब हो जाते हैं और उनका कोई नामोनिशान नहीं होता. ऐसे में इंटरनेट के बेहतरीन इस्तेमाल की जरूरत है. स्पेन की जूरी सदस्य रेनाटा अवीला ने इस बारे में कहा, “यह एक अनोखा प्रोजेक्ट है. हमें ऐसे और लोगों की जरूरत है.”

डॉयचे वेले फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड
बॉब्स के 11 साल के इतिहास में पहली बार एक विशेष पुरस्कार दिया गया. सऊदी अरब के ब्लॉगर रइफ बदावी को डॉयचे वेले फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड से नवाजा गया. 31 साल के बदावी को मई 2014 में 10 साल की कैद, भारी जुर्माने और 1,000 कोड़ों की सजा सुनाई गयी. zeit.de के मुख्य संपादक यॉखेन वेगनर ने इस मौके पर कहा कि यह जाहिर है कि इतनी अंतरराष्ट्रीय आवाजों के बावजूद सऊदी प्रशासन उन्हें रिहा नहीं करेगा. उन्होंने कहा, “यह जानते हुए भी कि प्रशासन उनके विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता, बदावी ने लिखना जारी रखा.”
बदावी की पत्नी इंसाफ हैदर ने कनाडा से एक वीडियो संदेश में कहा, “रइफ को मत भूलना. उनकी और उनके बच्चों की किस्मत आपके हाथों में है.” डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग ने विश्वास जताया कि डीडब्ल्यू बदावी के मामले पर लगातार रिपोर्ट करता रहेगा और दुनिया को यह मामला भूलने नहीं देगा.

पुरस्कार समारोह की और तस्वीरों के लिए यहां क्लिक करें.

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बॉब्स: जूरी ने की विजेताओं की घोषणा


02-Gewinner-stehen-fest-Milestoneposting_600x240pxबॉब्स की अंतरराष्ट्रीय जूरी ने 2015 के विजेताओं को चुन लिया है. जूरी पुरस्कारों के अलावा दुनिया भर से इंटरनेट यूजरों ने 14 भाषाओं में विजेता भी चुने हैं.

बॉब्स यानि बेस्ट ऑफ ऑनलाइन एक्टिविज्म. इसकी खासियत यह है कि अलग अलग भाषा की वेबसाइटें भी एक दूसरे से प्रतिस्पर्द्धा कर पाती हैं. लंबी बहस के बाद जूरी के सदस्यों ने तीन श्रेणियों में बांग्ला ब्लॉग मुक्तो मन, स्पेनिश ब्लॉग रैंचो इलेक्ट्रॉनिको और अरबी ब्लॉग जयटून को विजेता चुना है.

सोशल चेंज

Mukto Mona

पति की मौत के बाद भी रफीदा बन्या ने लिखना नहीं छोड़ा. उनके पति अविजीत रॉय बांग्लादेश के जाने माने ब्लॉगर थे. फरवरी 2015 को उनकी हत्या कर दी गयी. वे धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाते थे. जिस वक्त उन पर हमला हुआ, बन्या भी जख्मी हुई, उनकी एक उंगली कट गयी. अब बन्या मुक्त मन नाम का ब्लॉग चलाती हैं और एक धर्मनिरपेक्ष देश के सपने के लिए लिखती हैं. कट्टरपंथियों ने देश के 84 ब्लॉगरों की लिस्ट तैयार की है, जिन्हें वे मौत के घाट उतारना चाहते हैं. इनमें से आठ की हत्या की जा चुकी है. बांग्लादेश के जूरी सदस्य शाहिदुल आलम का कहना है, “यह पुरस्कार ब्लॉगरों की ओर लोगों का ध्यान खींचेगा, वे बहुत हिम्मत वाले हैं और बड़ा जोखिम उठा रहे हैं”.

mukto-mona.com/bangla_blog/

इस श्रेणी में ऐसे प्रोजेक्ट को सम्मानित किया जाता है जो डिजिटल दुनिया के जरिए समाज में बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहा है, एक ऐसी कोशिश जो शिक्षा, समान अधिकार, सेहत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हो.

प्राइवेसी एंड सिक्यूरिटी

Rancho Electrónico

मेक्सिको में हैकरों के एक ग्रुप ने मिल कर यह पेज शुरू किया है. मकसद है लोगों को इंटरनेट की दुनिया से रूबरू कराना. स्मार्टफोन पर किस तरह के ऐप का इस्तेमाल करना है, ऑनलाइन होते हुए भी अपने डाटा की सुरक्षा कैसे करनी है, यहां ये सब सीखा जा सकता है. ट्रेनिंग के लिए वर्कशॉप भी आयोजित किए जाते हैं. स्पेन की जूरी सदस्य रेनाटा अवीला का कहना है, “यह एक ऐसा मंच है जो डिजिटल डिवाइड ख़त्म करना चाहता है और लोगों तक पहुंचना चाहता है”.

ranchoelectronico.org

इस श्रेणी में ऐसे सॉफ्टवेयर या वेबसाइट को मान्यता दी जाती है जो लोगों के डाटा और उनकी निजता को सुरक्षित रखने में मदद मुहैया कराता हो. ऐसा किसी इनोवेशन के तहत किया जा सकता है, यूजर फ्रेंडली ऐप के जरिए या फिर वेबसाइट पर डाटा सुरक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी दे कर. कोई ऐसा टूल, जो सेंसर से निपटने में काम आता हो, उसे भी यहां जगह दी जाती है.

आर्ट्स एंड मीडिया

Zaytoun, the little refugee

अरबी भाषा की इस वेबसाइट को जूरी ने आर्ट्स एंड मीडिया श्रेणी में बेहतरीन प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है. यह एक वीडियो गेम है जिसमें एक छोटा बच्चा अपने देश से बाहर निकलने की और बतौर शरणार्थी कहीं पनाह लेने की कोशिश करता है. अपनी इस यात्रा में उसका सामना कई तरह के लोगों और मुश्किलों से होता है. गेम का मकसद है इंटरनेट के जरिए जनता को फलीस्तीन और सीरिया के लोगों की समस्याओं से अवगत कराना. जूरी सदस्य लैला नखवती का कहना है, “हम सीरिया के बारे में बहुत कुछ सुनते हैं लेकिन ऐसा कम ही हो पाता है कि किसी पीड़ित की आवाज हम तक पहुंच सके. यह पुरस्कार इस बात का प्रतीक है कि वहां के लोगों को भुलाया नहीं गया है”.

zaytounthelittlerefugee.wordpress.com/

इस श्रेणी में कला और संस्कृति से जुड़ी ऐसी मुहिम को सम्मानित किया जाता है जो डिजिटल कम्यूनिकेशन के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को कलात्मक रूप से दर्शाती है. कोई ऐसा प्रोजेक्ट जो रचनात्मक रूप से सूचना के प्रसार का काम कर रहा हो, उस पर भी यहां ध्यान दिया जाता है, मिसाल के तौर पर सिटीजन जर्नलिज्म से जुडी पहलकदमियां.

पीपल्स चॉइस अवॉर्ड:

 शब्द-शिखर

आकांक्षा यादव साहित्य, लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाली शुरुआती महिलाओं में गिना जाता है. आकांक्षा महिला अधिकारों पर लिखना पसंद करती हैं. अपने ब्लॉग में वह अपने निजी अनुभव और कविताएं भी शामिल करती हैं.

shabdshikhar.blogspot.in/

इस श्रेणी में जूरी ने नहीं, इंटरनेट यूजरों ने अपना विजेता चुना है. सभी 14 भाषाओं में पीपल्स चॉइस अवॉर्ड के तहत एक एक सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग चुना गया है. कुल मिला कर करीब 30,000 वोट डाले गए.

डॉयचे वेले फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड

रइफ बदावी, सऊदी अरब

फरवरी के अंत में डॉयचे वेले ने रइफ बदावी को फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड देने की घोषणा की. 31 साल के ब्लॉगर रइफ बदावी को मई 2014 में सऊदी प्रशासन ने 10 साल की कैद, भारी जुर्माने और 1,000 कोड़ों की सजा सुनाई गयी. डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग ने इस बारे में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मानवाधिकार के प्रति बदावी की निडर प्रतिबद्धता एक मिसाल है.

बदावी पर और जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: http://dw.de/p/1Egwu

ग्लोबल मीडिया फोरम में पुरस्कार समारोह

द बॉब्स – बेस्ट ऑफ आनलाइन एक्टिविज्म के जरिए डॉयचे वेले 2004 से एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है जो ऐसे ब्लॉगरों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को सम्मानित करती है जो इंटरनेट से जुड़ कर अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं. बॉब्स दुनिया की एकमात्र ऐसी प्रतियोगिता है जो भाषा और संस्कृति की बाधाओं को पार करते हुए इंटरनेट की दुनिया में रचनात्मकता और साहस का उदाहरण दे रहे हैं.

प्रतियोगिता के लिए 14 सदस्यों वाली अंतरराष्ट्रीय जूरी ने 112 वेबसाइटों को नामांकित किया. इस साल 4,800 से ज्यादा वेबसाइटों और ऑनलाइन प्रोजेक्टों के सुझाव बॉब्स की टीम तक पहुंचे. 11वीं प्रतियोगिता के विजेताओं को 23 जून को जर्मनी के बॉन शहर में होने वाले ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा.

मीडिया पार्टनर

इस साल के पार्टनर हैं Terra, La Nacion, IFEX, Mada MAsr, Somewhere in…, Bdnews.com, Global Voices, Gooya, MYNET, MEDYATAVA, China Digital Times, Wazaonline.

3 मई तक कर सकते हैं वोट!


हम आपके वोटों की गिनती कर रहे हैं. आप 3 मई तक अपनी पसंदीदा वेबसाइट के लिए वोट कर सकते हैं. जर्मन समय के मुताबिक सुबह 9 बजे तक वोटिंग की लाइन खुली है. आप बॉब्स पुरस्कार की सभी 14 भाषाओं में वोट कर सकते हैं.

चीटिंग नहीं चलेगी 

वोटिंग की शुरुआत से हमारा ध्यान उन पर रहा है जो वोटिंग में छेड़छाड़ का इरादा रखते हैं. इन्हें ध्यान में रखते हुए हमने कई वोट रद्द कर दिए हैं. हम आपको बताना चाहेंगे कि हम हर वोट की पुष्टि करते हैं. जैसे ही हमारी वेबसाइट पर वोट डाला जाता है, हम उसकी वैधता की जांच करते हैं. हर कुछ मिनट बाद वेबसाइट पर वोटों की संख्या अपडेट की जाती है. वोटिंग के नियमों के बारे में आप यहां पढ़ सकते हैं.

 जूरी का होगा फैसला 

तीनों श्रेणियों, “सोशल चेंज”, “आर्ट्स एंड मीडिया” और “प्रिवेसी एंड सिक्यूरिटी” के विजेताओं का फैसला हमारी अंतरराष्ट्रीय जूरी लेगी. विजेताओं को 22 से 24 जून तक बॉन में होने वाले डॉयचे वेले के ग्लोबल मीडिया फोरम में पुरस्कार से नवाजा जाएगा.

सभी नामांकित वेबसाइटों को हमारी शुभकामनाएं!