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बॉब्स की वोटिंग शुरू!


Bobs-2014_Milestoneposting_VoteNow_600x240pxअब आपकी बारी है. हमारी अंतरराष्ट्रीय जूरी ने बॉब्स के दसवें संस्करण के लिए 154 ब्लॉग नामांकित किए हैं. 14 भाषाओं के ब्लॉगरों के लिए अब आप वोट कर सकते हैं. वोटिंग 7 मई तक चलेगी.

हम खास तौर से अपने जजों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं. उनकी मदद के बिना इतने सारे ब्लॉग्स और ऑनलाइन अभियानों को छांटना हमारे बस की बात नहीं थी. नामांकन तो फरवरी में ही शुरू हो गए थे और हमारे पास 3,000 वेबसाइटों के सुझाव आए. इनमें कई प्रोजेक्ट बेहद दिलचस्प, रचनात्मक और क्रांतिकारी थे. जाहिर है कि इन शानदार कोशिशों के बीच से कुछ ब्लॉग को नामांकित करने में जूरी सदस्यों को काफी दिक्कत हुई.
वुल वॉर वन के बारे में सुना है कभी?
वर्ल्ड वार वन यानी पहले विश्व युद्ध के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन इस साल, पहले विश्वयुद्ध को सौ साल हो रहे हैं और फ्रांस की एक ब्लॉगर पहले विश्व युद्ध की बुनाई करके दिखाना चाहती हैं. अपनी प्रदर्शनी का नाम उन्होंने वुल वॉर वन रखा है. इनके प्रोजेक्ट का नाम है, डेली मेल और यह ब्लॉग सबसे रचनात्मक श्रेणी के लिए नामांकित किया गया है. इसके अलावा स्नोडेन के करीबी रिपोर्टर ग्लेन ग्रीनवाल्ड की मुहिम को भी नामांकित किया गया है जिसके जरिए वह ब्राजील में स्नोडेन को शरण दिलाने के लिए समर्थन जुटा रहे हैं.
इसके अलावा लैंटर्न नाम की वेबसाइट को भी जजों ने खूब पसंद किया है. इसमें यूजर दुनिया भर में फैले कुछ खास लोगों का नेटवर्क बना सकते हैं और अगर किसी देश में कोई वेबसाइट ब्लॉक हो जाए, तो लैंटर्न के जरिए विदेश में अपने दोस्त के कंप्यूटर से वेबसाइट को देखा जा सकता है.
वोटिंग के आसान से नियम
वोटिंग में अपने पसंदीदा ब्लॉगर को जिताने के लिए आप 24 घंटों में एक बार एक श्रेणी में वोट कर सकते हैं. सबसे ज्यादा वोटों वाला ब्लॉग या वेबसाइट को “जनता की पसंद” घोषित किया जाएगा. वोटिंग के लिए बिलकुल नामांकन की ही तरह आप फेसबुक, ट्विटर या डीडब्ल्यू पर अपना अकाउंट बनाकर वोट कर सकते हैं. अगर और जानकारी चाहिए तो इसके बारे में जानकारी नियम वाले पेज पर पढ़ी जा सकती है.
7 मई को हम आपको बताएंगे कि कौनसी श्रेणी में कौनसी वेबसाइट जीती. जूरी सदस्य जिन ब्लॉगरों को चुनेंगे, वह आएंगे जून में जर्मनी और डॉयचे वेले बॉन में पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेंगे. जनता की पसंद से जीतने वाले ब्लॉगरों को हम सर्टिफिकेट और बैज भेजेंगे जो आप अपनी वेबसाइट पर लगा सकते हैं.
सारे नामांकित ब्लॉगों और वेबसाइटों को हमारा ऑल द बेस्ट!

2 अप्रैल को वोटिंग


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बॉब्स 2014 के लिए आए सभी नामांकनों के लिए हम आपको धन्यवाद देते हैं. इस साल में हमें 3000 से ज्यादा नामांकन मिले.

आगे क्या होगा

आने वाले हफ्तों में हमारी अंतरराष्ट्रीय जूरी को काफी मेहनत करनी होगी. पहले नामांकित ब्लॉग्स और प्रोजेक्ट देखे जाएंगे और फिर सभी श्रेणियों के लिए ब्लॉग्स फाइनल किए जाएंगे यानि तय हो जाएंगे वो ब्लॉग्स जो फाइनल सूची में होंगे.

फिर होगी वोटिंग

दो अप्रैल 2014 से आप सभी भाषाओं के, सभी उम्मीदवारों और श्रेणियों को देख सकेंगे. हिन्दी के अलावा अन्य भाषाओं में भी शानदार प्रोजेक्ट और ब्लॉग्स होते हैं. अप्रैल से आप इन्हें देख सकेंगे. चयनित सभी ब्लॉग्स के बारे में वेबसाइट हिन्दी में भी बताया जाएगा.

जूरी पुरस्कार

बर्लिन में चार और पांच मई दे दिन जूरी विजेताओं का चयन करेगी. जूरी पुरस्कार कुल छह श्रेणियों के लिए चुने जाएंगे जिसमें प्रतियोगिता बॉब्स में चुने गए सभी भाषाओं के ब्लॉग्स के बीच होगी. दो दिनों तक जूरी बहस करेगी कि कौन सा ब्लॉग सबसे अच्छा और श्रेणी में बेहतरीन है. इसके बाद बहुमत के आधार पर फैसला किया जाता है.

तो तैयार रहिए दो अप्रैल से अपना वोट देने के लिए. हिन्दी में अपने चयनित पसंदीदा ब्लॉग को आप वोटिंग के लिए जरिए बना सकते हैं विजेता.

शुरू हो रहा है बॉब्स!


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डॉयचे वेले 2004 से बॉब्स पुरस्कारों के जरिए ऑनलाइन मुहिम के शानदार मिसालों की और दुनिया का ध्यान खींच रहा है. कोशिश है कि पारदर्शिता के साथ अभिव्यक्ति की आजादी को बढ़ावा मिले और मानवाधिकारों का भी ख्याल रखा जाए.

डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग का कहना है, “हमारी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता बॉब्स के जरिए हम उन साहसी लोगों को सम्मानित करते हैं जो डिजिटल मीडिया के जरिए लोकतंत्र को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं. आज की दुनिया में कई देशों में जानकारी के हक के लिए लड़ा जा रहा है और यह संघर्ष और जरूरी होता जा रहा है.”

दुनिया भर से इंटरनेट यूजर 5 मार्च तक 14 भाषाओं में अपने उम्मीदवार नामांकित कर सकते हैं. अरबी, बांग्ला, चीनी, जर्मन, अंग्रेजी, फ्रांसीसी, हिन्दी, इंडोनेशियाई, फारसी, पुर्तगाली, रूसी, स्पेनी, तुर्की और यूक्रेनी. जो इसमें शामिल होना चाहता है, उसे बॉब्स वेबसाइट पर सारी जानकारी मिलेगी.

बॉब्स के विजेता चुनेगी अंतरराष्ट्रीय जूरी लेकिन पाठक भी इंटरनेट वोटिंग से विजेता चुन सकेंगे. 15 सदस्यों की जूरी हर भाषा में फाइनलिस्ट चुनती है और छह श्रेणियों में विजेताओं का चयन करती है.

2013 में दुनिया भर से हमारे पाठकों ने 4,200 वेबसाइटों को नामांकित किया. 90,000 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन वोटिंग में हिस्सा लिया. पिछले साल चीन के ब्लॉगर और लेखक ली चेंगपेंग ने बेहतरीन ब्लॉग का पुरस्कार जीता. क्यूबा की ऑनलाइन कार्यकर्ता योआनी सांचेस और ट्यूनीशिया की लीना बेन मेनी और ईरान के अरश सिगर्ची ने इनाम जीते.

इस साल 30 जून को ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान बॉब्स विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे. इस साल 30 जून से 2 जुलाई तक होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय है, “जानकारी से हिस्सेदारी तकः मीडिया की चुनौतियां”. डिजिटल नेटवर्क के जरिए लोग और आसानी से अपने राजनीतिक नजरिए दूसरे लोगों तक पहुंचा सकते हैं. लेकिन इस सिलसिले में कई सवाल भी उठते हैं, हम जानकारी और जानकार की सुरक्षा कैसे तय कर सकते हैं. अगर कोई किसी मामले को लेकर शिकायत करता है तो उसकी सुरक्षा का क्या. प्रेस और अभिव्यक्ति की आजादी की क्या सीमाएं हैं. बॉन में इस साल 2000 से ज्यादा मीडिया कार्यकर्ता और पत्रकार इस बारे में बहस करेंगे.

अब वक्त आ गया है!


दसवीं बॉब्स प्रतियोगिता 5 फरवरी 2014 को शुरू हो रही है. जर्मन समय के मुताबिक 12 बजे दिन से हमारी वेबसाइट पर सुझाव दिया जा सकता है. बॉब्स के जरिए दुनिया भर से दिलचस्प प्रोजेक्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बारे में जानने की कोशिश होती है.

पांच फरवरी से चार हफ्तों तक इंटरनेट पर सुझाव लिए जाएंगे और इनको जूरी सदस्यों के हवाले किया जाएगा. जूरी सदस्य फिर अपनी भाषाओं में 20 श्रेणियों के लिए ब्लॉग और प्रोजेक्ट चुनेंगे.

इस साल हमारी टीम में नए जूरी सदस्य शामिल हुए हैं. भारत से रोहिणी लक्षणे, तुर्की से एरकन साका, ग्वातेमाला से रेनाता अवीला, ब्राजील से आलेक्सांद्रे यूसेफ, कैमरून से फ्लोरियान एनगिंबिस और यूक्रेन से विक्टोरिया सियूमार बॉब्स 2014 में हिस्सा लेंगे. हर सदस्य बॉब्स में एक भाषा का प्रतिनिधित्व करता है और बर्लिन में बैठक के दौरान अपने चुनिंदा ब्लॉग और प्रोजेक्ट पेश करता है.

हर साल जूरी के लगभग आधे सदस्य बदले जाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि जूरी सदस्य अपने देशों से नई सोच लेकर आएं. लेकिन ऐसा करना हमारे लिए भी आसान नहीं. हमें बहुत दुख होता है जब कई सालों तक किसी जूरी सदस्य के साथ बढ़िया काम करने के बाद उससे हम विदा लेते हैं.

आर्काइव पन्ने पर हमने 2004 से लेकर अब तक के सारे जूरी सदस्यों की सूची बनाई है. इनमें इनके ट्विटर अकाउंट भी हैं. आप सोशल नेटवर्क पर इनसे संपर्क कर सकते हैं. अपने देशों के इंटरनेट समाज में बेहतरीन काम करने वाले जूरी सदस्यों से हमारी बातचीत चलती रहती है.

आर्काइव पन्ने पर हमने 2004 से सारे जूरी और यूजर विजेताओं की सूची प्रकाशित की है. इनमें से कुछ वेबसाइट इंटरनेट से हट गए हैं. इसकी वजह है कि कई बार वेबसाइट के मालिक इंटरनेट पर और काम नहीं करना चाहते लेकिन कई बार उनके देशों की सरकारें कड़ाई से पेश आती हैं और स्वतंत्र ब्लॉगरों को या तो जेल भेज दिया जाता है या उन्हें परेशान किया जाता है. हम उम्मीद करते हैं कि बॉब्स जैसे अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के जरिए इन सामाजिक कार्यकर्ताओं को थोड़ी सुरक्षा मिलती है. इसलिए भी 2004 से लगातार बॉब्स का आयोजन किया जा रहा है.

बॉब्स के 10 साल में इंटरनेट में कई बदलाव आए हैं. अब इंटरनेट ऐसा माध्यम बन गया है जो हर किसी की जिंदगी पर अपनी छाप छोड़ रहा है पिछले ही साल हमने इंटरनेट का काला चेहरा देखा. सरकारों और खुफिया एजेंसियों ने निगरानी के ऐसे नए तरीके निकाले, जिनके बारे में हम सोच भी नहीं सकते.

लेकिन इसी वजह से हम इंटरनेट के सकारात्मक पहलू पर जोर देना चाहते है, हम उन लोगों और प्रोजेक्टों को खोजना चाहते हैं जो अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं.

हम आपके सुझावों का बेसब्री से इंतजार करेंगे!